eGFR ≥90 लेकिन किडनी को नुकसान के संकेत — ज़्यादातर मरीज़ों में कोई लक्षण नहीं होते। अभी किडनी की सुरक्षा कैसे करें।
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स्टेज 1 किडनी रोग का मतलब है कि आपका eGFR सामान्य है (≥90) लेकिन किडनी को नुकसान के संकेत हैं — आमतौर पर पेशाब में प्रोटीन, खून, या अल्ट्रासाउंड में बदलाव। ज़्यादातर लोगों को कोई लक्षण नहीं होते। लक्ष्य: ब्लड प्रेशर नियंत्रण, SGLT2 इनहिबिटर (यदि योग्य), मधुमेह प्रबंधन और जीवनशैली से बीमारी को बढ़ने से रोकना।
CKD स्टेजिंग (KDIGO) दो चीज़ों पर आधारित है: eGFR (किडनी कितना छानती है) और किडनी क्षति के संकेत। स्टेज 1 = eGFR ≥90 प्लस कम से कम एक क्षति संकेत: एल्ब्यूमिन्यूरिया (UACR ≥30 mg/g), हेमेटुरिया (पेशाब में खून), या अल्ट्रासाउंड में संरचनात्मक बदलाव।
बिना क्षति संकेतों के, 90+ का eGFR सामान्य है — CKD नहीं। इसीलिए निदान मायने रखता है: यह 'सामान्य संख्या' को एक सक्रिय निगरानी योजना में बदल देता है।
स्टेज 1 के आम कारण: मधुमेह किडनी रोग (शुरुआती), हाइपरटेंशन किडनी रोग, IgA नेफ्रोपैथी, और पॉलीसिस्टिक किडनी रोग। ये सालों तक चुप रह सकते हैं — इसलिए पेशाब की जांच ज़रूरी है।
कुछ कारणों में सुधार या रोकथाम संभव है: तीव्र क्षति (डिहाइड्रेशन, नेफ्रोटॉक्सिन), शुरुआती मधुमेह किडनी रोग (SGLT2 इनहिबिटर + शुगर नियंत्रण से), और कुछ ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस।
ज़्यादातर पुराने कारणों में 'उलटना' लक्ष्य नहीं — स्थिरीकरण है। RENAAL, DAPA-CKD, EMPA-KIDNEY परीक्षणों से पता चलता है कि शुरुआती आक्रामक इलाज प्रगति को काफी धीमा या रोक सकता है। स्टेज 1-2 में इलाज किए गए मरीज़ कभी डायलिसिस की ज़रूरत के बिना सामान्य जीवन जी सकते हैं।
चिकित्सा: (1) ब्लड प्रेशर <130/80 mmHg (KDIGO लक्ष्य), एल्ब्यूमिन्यूरिया होने पर ACE इनहिबिटर/ARB, (2) SGLT2 इनहिबिटर (dapagliflozin/empagliflozin) यदि eGFR >20, (3) मधुमेह नियंत्रण: HbA1c ~7%, (4) सालाना UACR और eGFR जांच।
जीवनशैली: सोडियम <2 ग्राम/दिन, प्रोटीन 0.8-1.0 ग्राम/किग्रा/दिन, धूम्रपान बंद, शराब सीमित, और रोज़ 150 मिनट शारीरिक गतिविधि।
बचें: NSAIDs (ibuprofen, diclofenac — भारत में आम दर्द निवारक), बिना निगरानी हर्बल सप्लीमेंट, और डिहाइड्रेशन। नई दवा शुरू करने के 1-2 हफ्ते बाद क्रिएटिनिन जांचें।
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This content is a general reference, not medical advice, a diagnosis, or a treatment plan. Do not change your diet, fluids, medicines, or dialysis plan without your nephrologist or renal dietitian. Individual recommendations depend on your labs, medications, conditions, and care plan.